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ऑक्सीजन संकट को लेकर केंद्र पर बिफरी दिल्ली सरकार, अदालत से कहा- पूरी तरह से फेल हुई मोदी सरकार

ऑक्सीजन संकट को लेकर केंद्र पर बिफरी दिल्ली सरकार, अदालत से कहा- पूरी तरह से फेल हुई मोदी सरकार

दिल्ली में ऑक्सीजन के संकट को लेकर हाईकोर्ट में आज एक बार फिर से सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार केंद्र पर बिफर पड़ी. दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार पर पूरी ऑक्सीजन ना देने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह दिल्ली और देश में फेल हुई है. 490 MT ऑक्सीजन

दिल्ली में ऑक्सीजन के संकट को लेकर हाईकोर्ट में आज एक बार फिर से सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार केंद्र पर बिफर पड़ी. दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार पर पूरी ऑक्सीजन ना देने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह दिल्ली और देश में फेल हुई है. 490 MT ऑक्सीजन सिर्फ पेपर पर हैं, जबकि सच्चाई ये है कि आज तक हमें कभी इतनी ऑक्सीजन नहीं मिली. उन्होंने कहा कि हमने तो 700 MT आक्सीजन मांगी थी, केंद्र दिल्ली के लिए पूरी तरह उदासीन और असंवेदनशील है. अब बहुत हो चुका है, हम इसलिए चुप नहीं रहेंगे क्योंकि वो केंद्र सरकार है. उन्होंने कहा कि केंद्र हमारे साथ अनुचित व्यवहार कर रही है.

दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि हम अगले एक हफ्ते में 15000 बेड बनाने जा रहे हैं. इसके लिए 280MT ऑक्सीजन और चाहिए, आंकड़ों के मुताबिक हमें कुल 704 MT ऑक्सीजन की जरुरत होगी. पांच मई तक 500 आईसीयू बेड और होंगे और स मई तक 700 और होंगे. इसी हिसाब से 4866 आईसीयू बेड 6066 आईसीयू बेड हो जाएंगे, तो हमे 976 MT ऑक्सीजन चाहिए होगी. दिल्ली सरकार ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि हमें 1000 MT ऑक्सीजन दिलाया जाए. केंद्र सरकार कोर्ट को ये बताए कि देश में ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता क्या है ? और राज्यों को कितना आवंटन किया गया है?

दिल्ली सरकार ने कहा कि  यह वैज्ञानिक तौर पर साबित हुआ है कि केवल आक्सीजन ही कोरोना मरीज़ों को बचा सकता है, कोई दूसरा कोई चारा नहीं है, उन्होंने कहा कि हम तीन चीज़ जानना चाहते हैं पहली भारत की ऑक्सीजन पैदा करने की क्षमता क्या है, क्योंकि केंद्र ने इस महामारी से निपटने के लिए सभी संपत्तियों पर कब्जा कर लिया है? दूसरा केंद्र सरकार ने  दूसरे राज्यों कितना आवंटन किया है, यह जानना ज़रूरी है. दिल्ली सरकार ने कहा कि 300 MT टन से बढ़ा कर हमको पिछले हफ्ते 431 MT का आवंटन हुआ, कई राज्य ने ऐसा क्यों है कि अधिक क्षमता के बावजूद, उन्हें आवंटित नहीं किया गया है?

दिल्ली सरकार ने कहा कि हमको दिल्ली, हरियाणा, पंजाब के तौर पर नही सोचना चाहिए, देश गंभीर समस्या में हैं हमको देश के बारे में सोचना चहिए. 2 PSA प्लांट चालू हैं और 2 प्लांट 30 अप्रैल तक शुरू हों जाएंगे, बाकी के लिए हमने इजाज़त दे दी थी लेकिन PWD ने बीच में कुछ बदलाव कर दिया. हमने उसकी भी इजाज़त दे दी. दिल्ली सरकार ने कहा कि आज सभी को ऑक्सीजन प्लांट की आवश्यकता है, आज अगर दिल्ली को ऑक्सीजन की जरूरत है, तो कृपया हमको दें, अगर किसी और को जरूरत है, तो कृपया उसे दें.

वहीं एमिकस क्यूरी ने कहा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को ज्यादा ऑक्सीज़न दी जा रही है, महाराष्ट्र शायद इसलिए क्योंकि वहां सबसे ज़्यादा कोरोना केस आ रहे हैं. जबकि केंद्र  ने कहा कि कोई संसाधन असीमित नहीं है. हम महामारी के बारे में जानते हैं. ऑक्सीजन की आपूर्ति को जिसे हमने हर संभव स्रोत से बढ़ाया है और हम आज मांग को पूरा करने में सक्षम हैं. इसके जवाब में हाईकोर्ट ने केंद्र पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हमने मध्य प्रदेश, मेरठ और दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से लोगों के मरने की खबरें देखी हैं. हम ये नहीं कहते कि आप दिल्ली को ज्यादा ऑक्सीजन दीजिए, हम इस मामले में पैन इंडिया सोच रख रहे हैं. सभी को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को रोजाना लोगों की बेड, ऑक्सीजन और दवाओं के लिए कॉल आ रहे हैं.

Ritu
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